बंद करना

अध्यक्ष का संदेश

  1. Home
  2. /
  3. अध्यक्ष का संदेश

प्रिय हितधारकों, व्यापारिक साझेदारों एवं सहकर्मियों,

समुद्री उ‌द्योग वैश्विक व्यापार एवं वाणिज्य की जीवनरेखा है। विश्व के लगभग 90 प्रतिशत व्यापार का संचालन समुद्री मार्ग से होता है। दीनदयाल पत्तन प्राधिकरण (डीपीए) राष्ट्रीय तथा वैश्विक आयात-निर्यात (EXIM) व्यापार की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु सुदृढ़ एवं आधुनिक आपूर्ति शृंखला अवसंरचना के विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। देश के उत्तरी राज्यों के लिए प्रवेशद्वार के रूप में यह पत्तन माल परिवहन एवं कार्गो प्रबंधन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दशकों से डीपीए अवसंरचना विकास, क्षमता संवर्धन, यंत्रीकरण, रेल एवं सड़क संपर्क, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) तथा अन्य विकासोन्मुख पहलों के माध्यम से सतत विकास का प्रतीक रहा है।

विभिन्न प्रगतिशील पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से डीपीए ने देश के अग्रणी पत्तनों में अपना विशिष्ट स्थान बनाए रखा है तथा सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ किया है। समुद्री क्षेत्र में निरंतर हो रहे परिवर्तन, वैश्विक महामारी के प्रभाव तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अस्थिरता जैसी चुनौतियों के बावजूद डीपीए ने एक सक्षम एवं अनुकूल लॉजिस्टिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु निरंतर सार्थक प्रयास किए हैं। इसके साथ ही, हरित हाइड्रोजन जैसी पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं को प्रोत्साहन देकर स्वच्छ एवं हरित नौवहन को बढ़ावा देने, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि करने तथा पत्तन परिचालन के व्यापक डिजिटलीकरण के माध्यम से कारोबार सुगमता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी प्राधिकरण निरंतर अग्रसर है।

दीनदयाल पत्तन प्राधिकरण अपने जनसमुदाय एवं समाज के लिए सतत एवं समावेशी भविष्य के निर्माण के संकल्प के साथ राष्ट्रीय तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निरंतर निर्वहन करता रहेगा।

सादर शुभकामनाओं सहित,

श्री सुशील कुमार सिंह, भा.रे.से.मै.इं.

अध्यक्ष

दीनदयाल पत्तन प्राधिकरण

रंग